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  1. प्रज्ञा जी आप इतने दिनों से कहां थे यहां विद्वान कवि थे परंतु फिर भी आपकी कमी महसूस हो रही थी जिस प्रकार घर में बड़े बुजुर्ग होने के बावजूद भी आंगन में बच्चे के ना होने पर सूना लगता है

  2. इन पंक्तियों से यह शिक्षा मिलती है कि रक्षाबंधन के समय पुरुष समाज को महिलाओं के साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए नहीं तो रिश्ता चेंज हो सकता है। 😃🙏
    बहुत बेहतरीन प्रस्तुति

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