इमारतें मजबूत हो तो,
साथ सभी का होता है,
वरना खंडहरों को,
कौन अपना आशियाना बनाता है।
इमारतें
Comments
12 responses to “इमारतें”
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बहुत ख़ूब
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Thank you ma’am
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Very nice😊👏👍
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Thank you sir
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बिल्कुल सही कहा
बेबस इंसान को कोई नहीं पूछता
बहुत सुंदर भाव-

धन्यवाद सर
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Nice
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Thank you sir
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सब पूंछते हैं आप कैसे है
जब तक आपके पास पैसे है-

बहुत सुंदर प्रज्ञा जी
बहुत बहुत धन्यवाद
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marvellous
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Thank you 🙏
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