19 Comments

  1. अरे वाह! बहुत सुंदर
    “नज़र रहे मुकाम पर,… चल चलें सुकाम पर” कविता की पंक्तियां सकारात्मकता की और प्रेरित करती हैं।👏

    1. आपकी विद्वत्ता को सैल्यूट है, आपकी पारखी नजर कविता के मुख्य बिंदु पर रहती है, इस बहुमुखी प्रतिभा को अभिवादन

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