खत्म हुई अाज जिन्दगी की
एक और परीक्षा
फिर जीत गई मैं
हमेशा की तरह
अब परिणाम की प्रतीक्षा भी नहीं
क्योंकि स्वयं की मेहनत पर
अटूट विश्वास है
परीक्षा का अनुभव कैसा भी
रहा हो पर
परिणाम तो अच्छा ही होगा
मेरा दिल मुझसे कहता है प्रज्ञा !
एक दिन ऐसा भी आएगा जब
तेरे कदमों तले जहान होगा..
“एक और परीक्षा”
Comments
5 responses to ““एक और परीक्षा””
-

Exam खत्म होने पर मेरी खुशी…
-
बहुत सुंदर अभिव्यक्ति वाह, प्रज्ञा जी
-

This comment is currently unavailable
-
वाह, बहुत सुंदर रचना और उसका सुंदर प्रस्तुतिकरण
-
बेहतरीन
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.