एक ही सवाल हैं

कितना समझें तुमको ,
यह तुम ही बता दो,
एक ही सवाल है तुझसे जिन्दगी,
तू क्या है? और क्यों है ?
बता दो ,
ना एक पहेली है ,
ना एक आईना है ,
जो सुलझा सकूं तुझे,
या देख सकूं तुझे।
न जरिया है,
न दरिया है ,
न मौन है ,न शोर है,
बता दे तू कौन है?

Comments

10 responses to “एक ही सवाल हैं”

  1. उत्तम रचना

    1. बहुत बहुत आभार

    1. , धन्यवाद सर

  2. मोहन सिंह मानुष Avatar

    जिंदगी के उतार चढ़ाव को प्रदर्शित करती बहुत सुंदर रचना

    1. Pratima chaudhary

      Thank you so much sir

  3. Geeta kumari

    ज़िन्दगी के बारे में विचार करती हुई रचना…. सुन्दर प्रस्तुति

    1. Pratima chaudhary

      बहुत बहुत धन्यवाद मैम

  4. Deep

    जिंदगी क्या है कुछ वक्त का एक कारवां है,
    जो चल पड़ता है किसी अनजान मंजिल को पाने के लिए

    समय के साथ साथ मंजिलें भी बदलती रहती हैं
    रास्ते बदलने पड़ते हैं इन मंजिलों तक जाने के लिए
    बचपन जवानी बुढ़ापा कुछ पड़ाव हैं जिंदगी के रास्ते में
    इन पड़ावों से गुजरना पड़ता है जिंदगी बिताने के लिए

    बहुत से साथी मिलते रहते हैं कुछ विछड़ भी जाते हैं
    मगर रुकना मना है बिछड़ों को वापिस लाने के लिए.
    रास्ते भर किसी एक सही साथी की दरकार रहती है
    वर्ना मंजिल पे भी कुछ नहीं बचता सिवा पछताने के लिए.

    बस जान लो कि ताउम्र सिर्फ चलते रहने से कुछ नहीं होता
    एक सही दिशा जरूरी है सही मंजिल तक जाने के लिए.

    1. बहुत सुंदर 🙏🙏

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