एहसास

एहसास की दहलीजों पर
कुछ शब्दों के घेरे हैं

इस प्यार की राह में अक्सर
कुछ दर्द तेरे-मेरे हैं

तुम दूर कहीं ना जाओ
पल-पल ये दिल कहता है

वीरान है तुझ बिन दुनिया
एहसास ये हम करते हैं

तुम आओगे बाहों में
इस आस में हम बैठे हैं

गुजरोगे जिन गलियों से
हम फूल बिछा बैठे हैं

है आज ये तुमसे कहना
तुम बस मेरे ही रहना

चाहें कुछ भी हो जाये
फरियाद ये हम करते है

तुम दूर हो मुझसे फिर
भी एहसास यही होता है

वीरान है तुझ बिन दुनिया
महसूस ये हम करते हैं

प्रज्ञा के दिल की धड़कन
बस गीत है एक ही गाती

तुम बस मेरे हो जाओ
आमीन ये हम करते हैं

Comments

34 responses to “एहसास”

  1. Pragya Shukla

    🙏🙏

  2. Pragya Shukla

    Vote plz

  3. मार्मिक रचना.

      1. Kanchan Dwivedi

        Kr diya,🤗

    1. Pragya Shukla

      Vote to nhi di aapne!!!

    1. Thnk u शास्त्री जी

      1. वोट मी

    1. Pragya Shukla

      Vote kaha kiya apne???

    1. Pragya Shukla

      Thnx

  4. Abhishek kumar

    Good

    1. Pragya Shukla

      Thnx

    1. Pragya Shukla

      Thnx

  5. Reetu Honey

    👏👏👏

  6. King radhe King

    Waah

  7. Atul Shri

    Good nice

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