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  1. एक विरहणी के ह्रदय का सम्पूर्ण दर्द उड़ेल दिया है, कवि प्रज्ञा जी ने अपनी इस कविता के माध्यम से , वियोग पक्ष का बहुत ही मार्मिक चित्रण। हृदय स्पर्शी रचना

  2. सच्चाई कड़वी तो होती है। मगर इससे कौन बच पाया है। इंसान हर दिन किसी न किसी सच्चाई की सामना करते है। जबकि वही होता है जो किस्मत में लिखा होता है।

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