किरदार

सबने अपने किरदार पर पर्दे डाल रखे है।

फैसला मेरा करेगे यह वहम भी पाल रखे है।

Comments

23 responses to “किरदार”

  1. MS Lohaghat

    अपने किरदार पर डालकर पर्दा|| हर कोई कह रहा है ज़माना ख़राब है.. यह अली अकबर की शायरी है। अतः किरदार पर पर्दा अली अकबर की शायरी का मूल है। अतः मौलिकता का अभाव प्रतीत होता है।
    बुरा मत मानियेगा।

    1. Abhishek kumar

      उपरोक्त शब्दों का चयन मेरे द्वारा किया गया है।साहित्य एक सागर है और इसमें अली अकबर जैसे लाखों लोगो की अनगिनत रचनाये समाहित है।
      जहाँ संयोग मात्र से भी शब्द चयन समान हो सकता है।
      इसलिये सकारात्मक दृष्टिकोण रखने की चेष्टा करे।
      अन्यथा न ले।
      जबर्दस्ती की टिप्पणी न करे।

  2. Ramesh Joshi

    वहम पाल रखे है
    भी किसी पुरानी शायरी में पूर्व आ चुका है
    अहम ने ये वहम पाल रखा है
    कि सब कुछ मैंने ही संम्भाल रखा है।

    1. Abhishek kumar

      वहम पालना एक proverb भी है मित्र।इसका ये मतलब नही इन शब्दों को अछूता छोड़ दिया जाये।
      शब्दों के चयन के लिये हम स्वतंत्र है।
      वहम पाल रखे है????
      क्या उपरोक्त शब्दों का प्रयोग अब साहित्य मे बन्द हो जायेगा???

  3. Abhishek kumar

    शब्दों पर किसी का एकाधिकार नही होता मित्रो।जो पूर्व में किसी के द्वारा शब्द प्रयोग किये जा चुके है।क्या हम उनको प्रयोग नही कर सकते????

    1. PRAGYA SHUKLA Avatar

      kyon nhi karenge. Kavita likhane ke liye
      Kya shabdkosh kahi aur se laayenge?

  4. सुन्दर रचना
    सटीक अभिव्यक्ति

    1. Abhishek kumar

      🙏

    1. Abhishek kumar

      🙏

    1. Abhishek kumar

      🙏

  5. Vasundra singh Avatar
    Vasundra singh

    Nice

    1. Abhishek kumar

      👍

  6. Vasundra singh Avatar
    Vasundra singh

    विवादित शब्द को लेकर मेरी भी छोटी सी कोशिश

    कहानी लापता है, किरदार की खबर नहीं
    फिर भी वहम है कि मेरा जाता ही नहीं

      1. Abhishek kumar

        👌👌

    1. धन्यवाद वसुंधरा जी आपने मेरे लिए इतना किया

  7. Anuj Kaushik

    Nice

    1. Abhishek kumar

      🙏

  8. बिल्कुल ठीक कहा है ।यहा हर चेहरे पर नकाब चढा।

    1. Abhishek kumar

      धन्यवाद

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