20 Comments

      1. सब राजा हैं
        सब प्रजा हैं
        कोई न समझे मालिक खुद को
        सब हैं यहाँ मेहमान।
        किसी को दुःख न मिले भगवान।
        सब पायें नवरंग
        किसी को दुःख न मिले भगवान।

        Jay ram jee ki

  1. कोई न समझे मालिक खुद को
    सब हैं यहाँ मेहमान।
    किसी को दुःख न मिले भगवान।
    सब पायें नवरंग
    किसी को दुःख न मिले भगवान।
    ________ सहृदय कवि की प्रभु से सुंदर प्रार्थना करती हुई अति उम्दा प्रस्तुति शानदार रचना

  2. ईश्वर से मानव के लिए सुंदर प्रार्थना करती हुई रचना सबका कल्याण हो सबका भला हो यही सार लेती हुई पंक्तियां

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