8 Comments

  1. वाह बहुत ख़ूब ,कवि सतीश जी के अति सुंदर विचारों से परिपूर्ण बहुत ही शानदार रचना ।किसी की मदद करने से हमेशा ही सुख की अनुभूति होती है । बहुत सुंदर विचार । अपने विचार व्यक्त करने की लाजवाब अभिव्यक्ति , भाव पूर्ण रचना सुंदर प्रस्तुति

    1. इस सुंदर समीक्षा हेतु आपको हार्दिक धन्यवाद, यह समीक्षा निश्चय ही प्रेरक और मार्गदर्शक है। अभिवादन

  2. परोपकाराय सताम् विभूतया
    परोपकार करना मानव का धर्म है जिसे सतीश जी द्वारा कविता में पिरोकर हमारे समक्ष परोसा गया है हमें सिर्फ इसे पढ़ने की नहीं वरन जीवन में उतारने की आवश्यकता है

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