7 Comments

  1. इंसानियत पर प्रकाश डालने का सफल प्रयास किया गया है, वास्तव में इंसान वही है जो दूसरे का दर्द अपना दर्द समझे, तत्सम और तद्भव शब्दावली का यथानुरूप समन्वय किया गया है, सुन्दर कविता है.

  2. आपने मानवता के विभिन्न पक्ष दिखाए हैं जिस प्रकार सूरदास ने
    वात्सल्य का कोना कोना छक्का था उसी प्रकार आपने मानवता के सभी पक्षों को उ जागर किए हैं

Leave a Reply