क्यों बच गई है मैं?

क्यों मैं बच गयी, उन कहरो से,
भ्रूण हत्या, कुरीतियों, और अमावताओं से,
मिट जाती मिट्टी में,
न होती मेरी पहचान,
न होती मैं बदनाम,
न होती मैं हैवानों से दो चार,
न होती यौन शोषण का शिकार,
न चढ़ती मैं दहेज़ की बलि,
न होती एसिड अटैक का शिकार,
न बलात्कारियों की बनती हवस,
क्यों बच गयी मैं?
क्यों बच गयी मैं?
निभाते- निभाते सहते- सहते,
थक गयी हूँ मैं,
ये ज़िदंगी मिली है मुझे,
फिर भी हँस लेती हूँ मैं,
फिर लगता है,
क्यों नही मैं बन जाऊ,
इस पाप की भागीदार,
न दू बेटी समाज को,
मिटा दू उसकी पहचान,
फिर से न उठ जाये ये सवाल,
क्यों बच गयी मैं,?
क्यों बच गयी मैं?

Comments

28 responses to “क्यों बच गई है मैं?”

  1. सुन्दर और उदारवादी भाव

    1. Pratima chaudhary

      Thank you

  2. बेहद संजीदा रचना

    1. Pratima chaudhary

      धन्यवाद मैम

  3. वाह वाह बहुत खूब

    1. Pratima chaudhary

      Thank you

    1. Pratima chaudhary

      Thank you

  4. Pratima chaudhary

    धन्यवाद

  5. Rishi Kumar

    जितनी प्रशंसा करें उतनी कम है
    इस कविता के प्रशंसा में
    लिखने के लिए मेरे पास शब्द नहीं
    बहुत अच्छी कविता

    1. Pratima chaudhary

      Thank you

  6. Vasundra singh Avatar
    Vasundra singh

    समाज को उसका आईना दिखाती है आपकी कविता

    1. Pratima chaudhary

      वसुंधरा जी! बहुत-बहुत धन्यवाद

  7. This comment is currently unavailable

    1. Pratima chaudhary

      धन्यवाद जी

  8. मोहन सिंह मानुष Avatar
    मोहन सिंह मानुष

    नारी पर हो रहे शोषण के हर पहलू को बहुत ही सुंदर ढंग से और विस्तार से उजागर किया गया है, नकारात्मकता में भी कहीं ना कहीं नारी की श्रेष्ठता को दिखाया गया है ,बहुत ही उम्दा 👏👏
    और अंत में बहुत ही बेहतरीन तरीके से नारी के महत्व को बताने की कोशिश कि अगर नारी ना हो तो समाज की कल्पना भी नहीं की जा सकती है।
    बहुत ही बेहतरीन एवं भावपूर्ण रचना ,👏👏👏

    1. Pratima chaudhary

      बहुत बहुत धन्यवाद इतनी अच्छी समीक्षा करने के लिए और हौसला बढ़ाने के लिए 🙏

    1. Pratima chaudhary

      Thank you

  9. Prayag Dharmani

    अंत तक आते आते आपकी कविता एक बड़ा सवाल दाग देती है देश और समाज पर..इस ज्वलंत रचना के लिए आपको बधाई ।

    1. शुक्रिया सर

  10. Geeta kumari

    एक ज्वलंत समस्या का बेहद खूबसूरत और मार्मिक चित्रण 👏👏

    1. Pratima chaudhary

      धन्यवाद मैम जी

  11. बहुत ही सुन्दर अभिव्यक्ति
    महिलाओं की समस्याओं का सटीक चित्रण

    1. Pratima chaudhary

      बहुत-बहुत आभार

  12. Deep

    bahut sundar rachna nari jivan par

    1. हार्दिक धन्यवाद

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