खेल रंग वाला

सजनी है गौर और
सजना क्यों काला?
आओ हम खेलें
खेल रंग रंग वाला।
लाल से रंग दो
हरे से रंग दो।
नीला और पीला
गुलाबी से रंग दो।
रंग डालो अज बेनीआहपीनाला।
आओ हम खेलें खेल रंग वाला।।
तन को रंगो सब दिलवर के रंग से।
मन को रंगो आज प्रेम के रंग से।।
विनयचंद मिटा दे भाव नफरत वाला।
आओ हम खेलें खेल रंग वाला।।

Comments

8 responses to “खेल रंग वाला”

  1. Priya Choudhary

    bahut Sundar

  2. Satish Pandey

    बहुत खूब

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