गणपति

गणेश – चतुर्थी के शुभ अवसर पर —-
गणपति आज हमारे घर आए,
खुशियां बहुत साथ वो लाए।
साथ रहेंगे कुछ दिन हमारे,
हम भी खाएंगे लड्डू ,मोदक उनके सहारे।
उनके आने से घर महका – महका जाता है,
घर का आंगन, हर कोना चहका – चहका जाता है।
आरती करूं मैं, भोग लगाऊं,
पकवान बना कर उन्हें खिलाऊं।
पांव पड़ते नहीं ,आज मेरे जमीं पर,
गणपति आए आज मेरे घर।
उनकी भक्ति में कितने गीत गाए,
गणपति आज हमारे घर आए।
नहीं रहेंगे अब दुख के साए,
गणपति आज हमारे घर आए।
गणपति बप्पा मोरिया
मंगल मूर्ति मोरिया
सेवा में ✍️✍️—–गीता कुमारी

Comments

14 responses to “गणपति”

    1. Geeta kumari

      जय श्री गणेशजी

    1. Geeta kumari

      गणपति बप्पा मोरिया 🙏

    1. Geeta kumari

      गणपति बप्पा मोरिया 🙏

    1. Geeta kumari

      मंगल मूर्ति मोरिया🙏

  1. Indu Pandey

    आपकी कविता की बात ही निराली है, जय हो, आप यूँ ही लिखती रहें, बहुत ही सुन्दर

    1. Geeta kumari

      बहुत बहुत धन्यवाद 🙏

    2. Geeta kumari

      गणपति बप्पा मोरिया, मंगल मूर्ति मोरिया 🙏

  2. बहुत ही सुन्दर, इन सुन्दर पंक्तियों हेतु सादर अभिवादन, वाह

  3. Piyush Joshi

    बहुत खूब, जबरदस्त

  4. Geeta kumari

    बहुत बहुत धन्यवाद पीयूष जी

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