4 Comments

  1. कोई तो मौज हो
    मिटा जाए इस अनचाही तहरीर के निशान
    छू जाए
    आते साल का पहला क़दम
    ——— बहुत खूब सुन्दर अभिव्यक्ति लाजवाब रचना

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