गुरु-पर्व

संवत् 1526
29 नवंबर 1469
कार्तिक पूर्णिमा के दिन,
पंजाब के तलवंडी गांव में
गुरु नानक जी ने जन्म लिया
जाना गया ये नाम ननकाना साहब नाम से,
वर्तमान में है जो पाकिस्तान में
सिख धर्म के प्रथम गुरु हैं
आज इनका जन्म दिवस है,
प्रकाश-उत्सव और गुरु-पर्व है
पिता का नाम मेहता कालू था
माता तृप्ता देवी थीं और
बहन का नाम नानकी था
विवाह हुआ 1485 में,
पत्नी का नाम था सुलक्षिणी देवी
दो पुत्र रत्न हुए नानक जी के
श्री चंद और लक्ष्मी चंद
गुरु नानक जी के कुछ मुख्य कथन:–
मनुष्य को मनुष्य नहीं रहने देता है अहंकार
इसी लिए गुरु नानक जी ने,
मंत्र दिया ” एक ओंकार”
गुरु बिन मानव दुखी रहे,
गुरु मिल जाए तो सुखी रहें
धन-माया का स्थान हो,
केवल अपनी जेब में,
ह्रदय में माया मत रखो,
ये ज्ञान दिया है नानक ने
स्वयं पर रखो पूरा विश्वास,
तभी प्रभु करेंगे पूरी आस
प्रभु की कृपा से ही मोक्ष मिले,
गुरु नानक जी का ये पैगाम
इसीलिए इस जग में,
गुरु नानक जी का ऊंचा नाम
अनमोल हैं उनके ये वचन
आज उनके जन्म-दिवस पर,
गुरु नानक जी को मेरा
शत् शत् नमन

*****✍️गीता

Comments

4 responses to “गुरु-पर्व”

  1. गुरु नानक जी सिक्खों के प्रथम गुरु थे और
    ईश्वर समान लोग उनमें श्रद्धा भी रखते हैं
    उनके जन्मदिन पर
    गुरू पर्व भी मनाया जाता है
    गुरु पर्व पर जानकारी भरी रचना….

    1. समीक्षा हेतु आपका हार्दिक धन्यवाद प्रज्ञा जी

    1. बहुत-बहुत धन्यवाद भाई जी🙏

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