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  1. दशहरा पर्व का यथार्थ चित्रण किया है कवि सतीश जी ने अपनी इस कविता में। सत्य की असत्य पर जीत हो और रावण के जलने का अर्थ बुराइयों को जलाना है श्री राम सत्य और मर्यादा के प्रतीक और रावण बुराइयों का प्रतीक , बहुत ही सुन्दर और प्रेरक रचना

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