जफ़ा मत कर

जफ़ा मत कर, वफ़ा कर ले
झियाँ मत बन, मुहब्ब्त कर
सभी धोखा नहीं देते
मुहब्बत से कभी मत डर।

Comments

12 responses to “जफ़ा मत कर”

  1. बहुत सुंदर

    1. सादर धन्यवाद जी

    1. Thank you प्रज्ञा जी

    1. सादर नमस्कार शास्त्री जी

  2. Geeta kumari

    बहुत खूबसरत पंक्तियां..

    1. सादर धन्यवाद, अभिवादन गीता जी

    1. Satish Pandey

      Thank you ऋषि जी

    1. Satish Pandey

      धन्यवाद सर

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