झूठी है औरत

हां, झूठी है औरत,
अपनी ख्वाहिश तक ही नहीं सीमित,
औरों के लिए जगे रात तक
हां, झूठी है औरत।
मायके की तारीफ़ करे ससुराल में,
ससुराल की कमी ,ना बताए किसी हाल में।
कोशिश करती है , छिपा सकती है जब तक
हां …. बहुत झूठी है औरत ।
पति से कहे मेरा भाई दमदार है,
भाई से कहती पति शानदार है ।
यही तो करती आई है अब तक,
हां जी, … बहुत झूठी है औरत ।।

Comments

29 responses to “झूठी है औरत”

  1. सुन्दर अभिव्यक्ति

    1. Geeta kumari

      Thank you suman ji🙏

  2. आप बहुत ही बढ़िया लिखती हैं गीता जी, आपकी लेखनी को सैल्यूट।

    1. Geeta kumari

      अरे सर 🙂….आपसे बढ़िया कहां जी।
      समीक्षा के लिए बहुत बहुत धन्यवाद जी 🙏।
      उत्साह वर्धन के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद ।

    1. Geeta kumari

      Thank you chandra ji🙏

  3. बहुत बढ़िया

    1. Geeta kumari

      Thank you very much sir🙏

    1. Geeta kumari

      Thank you very very much kamla ji🙏.

    1. Geeta kumari

      Thank you very very much indu ji🙏🙏

  4. सुन्दर अभिव्यक्ति

    1. Geeta kumari

      बहुत बहुत धन्यवाद आपका प्रतिमा जी🙏

  5. Rishi Kumar

    बहुत अच्छा है😃

    1. Geeta kumari

      🙏🙏

    2. Geeta kumari

      ये समाज पर एक तंज है

    1. Geeta kumari

      Thank you very much Anu ji🙏

    1. Geeta kumari

      Thank you very much 🙏

    1. Geeta kumari

      बहुत बहुत शुक्रिया ईशा जी 🙏

  6. मोहन सिंह मानुष Avatar
    मोहन सिंह मानुष

    बहुत सुंदर पंक्तियां
    वाकई में औरतों में झूठ बोलने की कला शानदार होती है।

    1. Geeta kumari

      ये समाज पर एक तंज है। औरत मायके की इज्जत, ससुराल में और ससुराल की इज्जत मायके में रखती है।इस प्रकार दोनों परिवारों में सामंजस्य स्थापित करती है। घर में कोई अतिथि गैर तिमेभी सा जाए तो परिवार की इज्जत के लिए झूठ बोलती है कि में थकी हुई नहीं हूं, अभी फटाफट खाना तैयार हो जाता है….. आदि,आदि अनेकों उदाहरण मिल जाएंगे आपको।

  7. Geeta kumari

    गैर टाइम*…. Typing mistake

  8. Indu Pandey

    waah waah

    1. Geeta kumari

      Thank you very much Indu ji

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