ठिठुरता बचपन (October 17: Anti Poverty Day) By Panna Posted on October 17, 2015December 24, 2018 Category : हिन्दी-उर्दू कविता October 17: Anti Poverty Day सर्दी में नंगे पांव कूड़ा बटोरते बच्चे ठिठुरता बचपन उनका सिकुडी हुई नन्ही काया टाट के थैले की तरह उनके रूदन का क्या जिक्र करू मैं लफ़्जों के कुछ दायरे होते है नहीं फैल सकते वह उनके रूदन की तरह Hindi Poems for Childrenkavitaकविताएँ हिन्दीछोटी कविता हिंदी मेंछोटी सी कविताबच्चों का कविताबच्चों की कविताबच्चों की कवितायेंबच्चों के लिए हिन्दी कविताबाल कविता संग्रहबाल कविताएँबाल दिवस के दोहेबाल दिवस के लिए गीतबाल दिवस पर अनमोल वचनबाल दिवस पर कविताबाल दिवस पर कविता बताइएबाल दिवस पर कहानियांबाल दिवस पर गानाबाल दिवस पर छोटी सी कविताबाल दिवस पर शायरियांबाल मन पर कविताहिंदी में बच्चों के लिए कविता
emotional…nice!
thanks anjali
A good topic …. nyc one bro.
thanks sachin
उनके रूदन का
क्या जिक्र करू मैं
लफ़्जों के कुछ दायरे होते है,
सुन्दर कविता