डर

अँधेरे में हवा का झोका भी बनकर साया सा नजर आता है ! जब दिल-ओ-दिमाग खो दे सुध… तब मेरे यार.. अच्छा खासा *चोराया भी प्रेतघाटी कि माया सा नजर आता है !! *(चोराया=चौराहा) मुठी भर भीङ से क्यों घबराते हैं , जनाब ! जो डर जाए… अरे ! जो डर जाये उसे तो कुत्ते भी डराते है , जनाब !!

Comments

16 responses to “डर”

  1. Pt, vinay shastri ‘vinaychand’

    सुंदर

    1. सोमू आचार्य Avatar
      सोमू आचार्य

      धन्यवाद ! मित्र..

    1. सोमू आचार्य Avatar
      सोमू आचार्य

      जी धन्यवाद !

    1. सोमू आचार्य Avatar
      सोमू आचार्य

      जी धन्यवाद..

  2. Amod Kumar Ray Avatar

    बहुत अच्छा

    1. सोमू आचार्य Avatar
      सोमू आचार्य

      धन्यवाद भाईसाहब !

    1. सोमू आचार्य Avatar
      सोमू आचार्य

      सलाम !

    1. सोमू आचार्य Avatar
      सोमू आचार्य

      शुक्रिया साहब !

  3. Kanchan Dwivedi

    बहुत सुंदर

    1. सोमू आचार्य Avatar
      सोमू आचार्य

      बहुत-बहुत धन्यवाद!

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