अनजाने में इश्क का गुनाह कर दिया
बंदिशों से खुद को रिहा कर दिया
पाक रूह कहकर कभी सजदा करने
वाले अब कहते हैं मोहब्बत ने तबाह कर दिया
तबाही
Comments
15 responses to “तबाही”
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वाह,, तेरी फ़रियाद हम जरूर खुदा को सुनाएंगे ।
किस गुनाह की सजा मिला है उसे बस यही पूछेंगे ।।-

Thankyou
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बहुत खूब
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🙏🙏🙏
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इश्क में जनाब ऐसा ही होता है
जो करता है बस चैन खोता है।-

बहुत सुंदर पंक्तियां और सुंदर समीक्षा thankyou 🤗
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🙏🙏
धन्यवाद प्रिया आती रहा करो
तुम्हारी कम्पनी बहुत मिस करती हूँ
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बहुत ख़ूब
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🌹Thankyou mem🌹
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वाह
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Thankyou 🙏
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सुन्दर अभिव्यक्ति
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🙏🙏🙏🙏🙏
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बहुत ही सुंदर रचना
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Thankyou 🙏
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