दिल में छुपा एहसास हो तुम
ऱब से भी ज्यादा खास हो तुम..
हमारे बीच है मीलों तक की दूरी
पर साँसों से भी ज्यादा पास हो तुम..
कड़वा है ये सारा जग हमदम
पर ‘चाय की मीठी प्यास’ तुम..
धड़कन तुम हो, दिल भी तुम हो
मेरे हिस्से की साँस हो तुम..
छोंड़ गया है जग सारा मुझको
मेरी आख़री आस हो तुम..
तुझमें ही रब दिखता मुझको !
मेरा अटूट विश्वास हो तुम..
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