तुझे दिल में मैं उतार लूं

अभी ना मेरा दीदार कर,
थोड़ा ख़ुद को मैं संवार लूं।
तेरा हर लफ्ज़ हो शहद सा,
तुझे दिल में मैं उतार लूं।
जब मिले तेरी नज़र से, नज़र मेरी,
तेरी छवि जिगर में उतार लूं।

Comments

16 responses to “तुझे दिल में मैं उतार लूं”

  1. Geeta kumari

    बहुत शुक्रिया

    1. Geeta kumari

      Thank you 🙏

    1. Geeta kumari

      Thank you pragya ji

  2. Praduman Amit

    वाह क्या कहने।

    1. Geeta kumari

      जी शुक्रिया

    1. Geeta kumari

      बहुत बहुत धन्यवाद 🙏

    1. Geeta kumari

      शुक्रिया जी

  3. Satish Pandey

    वास्तव में आपकी रचनाओं में स्नेहिल साहित्य भरा है, लेखनी में जबरदस्त क्षमता है। इतना सुमधुर काव्य, वाह,

  4. Geeta kumari

    इतनी सुंदर समीक्षा के लिए बहुत बहुत आभार एवं धन्यवाद आपका 🙏 आपके उत्साहवर्धन के लिए बहुत बहुत शुक्रिया।

  5. Piyush Joshi

    बहुत खूब, ग्रेट

    1. Geeta kumari

      शुक्रिया पीयूष जी 🙏

Leave a Reply

New Report

Close