20 Comments

  1. जितनी तारीफ करूँ कम है

    in fact इस महीने आपकी सबसे सुन्दर रचना
    यह मेरे विचार हैं बस

  2. ‘लफ़्ज़ों का तालमेल बिगड़ सा गया है आजकल’ बहुत अच्छी लाइन है..इस सुंदर रचना के लिए आप बधाई के पात्र है

    1. बहुत बहुत धन्यवाद सतीश सर 🙏🙏
      ऐसे ही प्रेम बरसाते रहे हैं और हौसला बढ़ाते रहें हैं

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