तेरे प्यार मे

तेरे प्यार मे इतने
दिवाने थे मेरे सनम
के तेरे नाम को अपनी
हतेली पर जबरन
जोड चुके थे हम

अच्छी वाली जिंदगी का ख्वाब
तेरे संग ही बुना करते थे हम
एक पल भी तेरे बीना
गवरा नहीं था मुझे सनम

कितने हसीन वो पल थे
और कितने सुहाने वो मौसम
जीस दिशा तेरे नैन कहे
बस्ससस उसी और उड लिया करते थे हम

मगर क्यू………

मगर क्यू हुआ तेरा
ये दिल अचानक खट्टा

क्या अच्छा नही था अपना
वो मधूमख्खी का मिठा छत्ता

बीच मजधार मे छोडके
जो जख्म तुने दिया

बेदर्दी से तोडके सपनो की गठरी……
ऐसे चखनाचूर किया

क्या पाया?………
मेरा गुनाह क्या था?
क्या थी मेरी खताह ??????

के मैने तुझसे प्यार किया !!!!!!
या तेरा ऐतबार किया!!!!

अरे जाआआआ, नहीं आतीईईई

ऐ दगाबाज

अब नहींईईईई आती तेरी याद के
मेरा दर्द समजने वाला मुझे मिल गया

ऐसे मजबूत हातो से
मेरा हात मिला है
के मेरी कशती अब तुफानो से पार है

शुक्रिया……………….

शुक्रिया अदा करना चाहता हू
‘तेरी बेवफाई का

के अब मेरी कद्र करने वाला मेरे साथ है
और तेरी हसीन यादो से भी ज्यादा
मुझे ऊस दिवानी से प्यार है

और तेरी हसीन यादो से भी ज्यादा
मुझे ऊस दिवानी से प्यार है।

Comments

7 responses to “तेरे प्यार मे”

  1. अरे वाह! बहुत खूब

    1. Swapnil Satpute

      Dhanyavaad
      Aap continue available is website pe

      Shayad aap bahot ruchi rakhti hai kavitao me ya fir shero shayari me☺️☺️👍👍👍

      1. सब रहते हैं जो यहाँ आता है यहीं का हो जाता है

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