दिल और दिमाग

दिमाग बढाने की दवा तो हर जगह मिलती है
दिल को बढा करने का हुनर बस हमें आता है
दिमाग है इसलिये सोचते हो बस खुद की
दिल से जख्म को सहलाना बस हमें आता है

Comments

14 responses to “दिल और दिमाग”

  1. Geeta kumari

    वाह 👌

    1. Vasundra singh Avatar

      शुक्रिया जी

  2. मोहन सिंह मानुष Avatar
    मोहन सिंह मानुष

    बहुत खूब

    1. Vasundra singh Avatar

      शुक्रिया मोहन जी

    1. Vasundra singh Avatar

      शुक्रिया

    1. Vasundra singh Avatar

      शुक्रिया

    1. Vasundra singh Avatar

      शुक्रिया

  3. Satish Pandey

    वाह, ” दिल को बढा करने का हुनर बस हमें आता है” कहकर दिमाग पर दिल की महत्ता स्थापित की है, दिल से जख्म सहलाने की मानवीय प्रवृति को एक लाइन से रेखांकित कर दिया, वाह वसुंधरा जी

  4. आपने सत्य कहा है वसुंधरा जी

  5. Pratima chaudhary

    बहुत सुंदर, लाजवाब

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