दीदार

अब चलें काफी रात हो गई ।
आपसे मेरी दो बातें हो गई।।
वक्त और ठंड के तकाजा है।
चलो आप से दीदार तो हो गई।।

Comments

5 responses to “दीदार”

  1. बहुत सुंदर रचना

  2. Geeta kumari

    बहुत ख़ूब

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