दुआ खूब पाता रहेगा

जाग इंसान उनकी मदद कर
है सहारे की जिनको जरूरत,
भूख से जो बिलखता है बचपन
आगे रहकर तू उसकी मदद कर।
क्या करेगा कमा करके इतना
क्या करेगा जमा करके इतना,
तू कमा खूब लेकिन कमाई
तू गरीबों में थोड़ा लगा ले।
कब तलक यूँ नजर फेर लेगा,
दान में भी जरा सा लगा ले।
साथ धेला नहीं जा सकेगा
सब यहाँ का यहां ही रहेगा,
गर जरा सा मदद को बढ़ेगा,
तू दुआ खूब पाता रहेगा।

Comments

7 responses to “दुआ खूब पाता रहेगा”

  1. वाह अति सुन्दर

  2. बहुत सुन्दर कविता

  3. मानवता से सिखलाती तथा सद्भावना रखती हुई कवि सतीश जी की सुंदर रचना

  4. Geeta kumari

    जाग इंसान उनकी मदद कर
    है सहारे की जिनको जरूरत,
    भूख से जो बिलखता है बचपन
    आगे रहकर तू उसकी मदद कर।
    __________, बेसहारा लोगों की की मदद करने की प्रेरणा देती हुई कवि सतीश जी की, बहुत ही उम्दा रचना लाजवाब प्रस्तुति

  5. Deepa Sharma

    बहुत खूब अति उत्तम

  6. सही बात है बहुत सुंदर विचारों वाली कविता

Leave a Reply

New Report

Close