दोस्ती

दोस्तों के नाम पर
कुर्बान हर पल
भीतर से हृदय से
आवाज गूंजी है,
दोस्ती तो ताकत
होती है सबकी
दोस्ती तो जीवन की
अनमोल पूंजी है।

Comments

11 responses to “दोस्ती”

  1. दोस्ती पर लाजवाब कविता सर

    1. बहुत बहुत धन्यवाद

  2. उत्तम अभिव्यक्ति

    1. बहुत बहुत धन्यवाद प्रज्ञा जी

  3. Geeta kumari

    “दोस्ती तो ताकत होती है सबकी ,दोस्ती तो
    जीवन कीअनमोल पूंजी है” वाह सतीश जी दोस्ती पर बहुत ही शानदार रचना लिखी है ।सच ही लिखा है आपने दोस्ती ताकत ही होती है। जीवन में दोस्त हमारी पूंजी ही होते है, जिसे कोई चुरा भी नहीं सकता है ।दोस्तों के लिए हृदय से हरदम दुआ ही निकलती है ।
    दोस्तों के सुख में सुख ,और दुख में दुख महसूस होता है ।बहुत ही भाव पूर्ण रचना और शानदार प्रस्तुति ।कलम को सलाम

    1. कविता के भाव का इतनी बेहतरीन तरीके से विश्लेषण करने हेतु आपको हार्दिक धन्यवाद है गीता जी। यही तो कवि का उत्साहवर्धन होता है। जय हो।

    1. सादर धन्यवाद जी

  4. आपने सही कहा

    1. बहुत बहुत धन्यवाद

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