दोस्त होते हैं फ़रिश्ते

दोस्त होते हैं वो फ़रिश्ते ,
मदद कर जाते हैं हंसते-हंसते
टूट जाएं जब पंख उत्साह के,
दौड़ कर आते हैं, दोस्त की इक आह पे
पंख अपने दे कर फिर बताएं,
भर ले उड़ान जितनी तू चाहे ।
********✍️गीता********

Comments

24 responses to “दोस्त होते हैं फ़रिश्ते”

  1. दोस्ती के बारे में सकारात्मक सोंच

    1. Geeta kumari

      धन्यवाद प्रज्ञा…बिल्कुल सही कहा ।

  2. बहुत खूब, बहुत बढ़िया

    1. Geeta kumari

      बहुत बहुत धन्यवाद सर 🙏

  3. Satish Pandey

    बहुत खूबसूरत रचना। दोस्ती का महत्व औऱ दोस्ती के विश्वास को प्रतिपादित करती बहुत सुंदर रचना। यह प्रखरता बनी रहे।

    1. Geeta kumari

      सटीक समीक्षा हेतु बहुत बहुत धन्यवाद सतीश जी । अच्छे फ्रेंड्स ऐसे ही होते हैं। बहुत बहुत आभार सर ।

    1. Geeta kumari

      Thanks allot chandra ji 🙏

    1. Geeta kumari

      बहुत बहुत धन्यवाद पीयूष जी 🙏

  4. Shyam Kunvar Bharti

    बहुत खूब

    1. Geeta kumari

      बहुत बहुत धन्यवाद सर 🙏

  5. अतिसुंदर रचना

    1. Geeta kumari

      सादर धन्यवाद भाई जी 🙏

    1. Geeta kumari

      बहुत सारा धन्यवाद है कमला जी 🙏 नमस्कार ।

  6. suman kumari Avatar

    बिलकुल सही कहा

    1. Geeta kumari

      धन्यवाद जी

    1. Geeta kumari

      बहुत बहुत शुक्रिया ईशा जी

  7. बहुत सुंदर पंक्तियां

    1. Geeta kumari

      धन्यवाद प्रतिमा जी

  8. Indu Pandey

    बहुत खूब

    1. Geeta kumari

      धन्यवाद इन्दु जी 🙏

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