दो रास्ते

एक रास्ता मय़खाने की ओर
दूसरा रास्ता शबाब की ओर।
उतावला दिल किधर जाए
इधर जाए या उधर जाए।।

Comments

3 responses to “दो रास्ते”

  1. वाह वाह, मझधार में फंसे दिल की खूबसूरत अनुभूति

  2. Praduman Amit

    शुक्रिया।

  3. बहुत सुंदर

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