14 Comments

    1. बिल्कुल मैडम जी कोरोना काल पर आधारित भी हम इन पंक्तियों को मान सकते हैं।
      बहुत-बहुत धन्यवाद 🙏

    1. बिल्कुल प्रयाग सर यह किसान से ही जुड़ी हुई कविता है मैंने यह कविता कुछ समय पहले लिखी थी जब बारिश नहीं हो रही थी। यह एक गरीब किसान जिसका खेती के सिवा कोई और सहारा नहीं होता है , और फिर बारिश के बिना फसल कैसी ,बस किसान के मन की व्यथा है यह कविता
      पपीहा किसान का ही प्रतीक है
      बाकी किसी और इंसान पर भी हम इसे अभिव्यक्त कर सकते हैं

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