वक्त की कद्र ,न करते कुछ लोग।
बस ,परछाइयों के पीछे भागते रहते हैं।
परछाइयां
Comments
16 responses to “परछाइयां”
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सुन्दर अभिव्यक्ति
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Thank you ji
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Nice
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सादर आभार सहित धन्यवाद भाई जी 🙏
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True line
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Thank you very very much 🙏
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बहुत खूब, दो पंक्तियों में बड़ी बात, वाह
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हौसला अफजाई के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया जी 🙏
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बहुत खूब, बिल्कुल सच
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सादर आभार सर🙏
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Bahut khoob
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Thank you Isha ji
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Very nice
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Thank you Piyush ji 🙏
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वक्त की कदर जरुरी होती है waah
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कविता का भाव समझने के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद इन्दु जी 🙏
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