कोई दवा देता है, कोई देता ज़हर
किसपे करे एतमाद, नहीं खबर
कौन अपना यहां, कौन पराया
सारा जहां है अपना, पराया शहर
पराया शहर
Comments
9 responses to “पराया शहर”
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👌👌
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shukriya
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वाह
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thanks
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Nice
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thanks
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👏👏
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बहुत सुंदर पंक्तियां
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बहुत दिन बाद तुम्हारे प्रोफाइल को विजिट किया एक एक नगीने है
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