पहली प्यार की पहली निशानी ।
संभाल कर रखना ऐ मेरी रानी।।
यदि कल हम मिले या न मिले।
फिर भी गुलशन में गुल खिले।।
मिलन पे मौसम भी बेमिसाल है।
क्योंकि मुझे तुम से ही प्यार है।।
जुदा कर दे खुदा में दम नहीं ।
मुहब्बत है कोई खिलवाड़ नहीं ।।
दिल दिया है तो जान हम देंगे ।
सितमगर को हम परख भी लेंगे।।
पहली प्यार की पहली निशानी
Comments
3 responses to “पहली प्यार की पहली निशानी”
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अति सुन्दर प्रस्तुति
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सुन्दर अभिव्यक्ति
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बेहतरीन भाव
क्षमा करे अमित जी
पहला प्यार
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