*प्रतियोगिता*

****”लघु हास्य-रचना****

कोरोना के कारण,
प्रतियोगिता की पराकाष्ठा हो गई
अभी तक तो परीक्षा तक ही थी सीमित,
अब तो शादी-ब्याह तक भी ही गई
मेहमानों की संख्या सीमित हुई पचास तक,
ऐसा कभी ना हुआ आज तक
दावत खाने के लिए भी,
टॉप पचास में रहना होगा

*****✍️गीता

Comments

6 responses to “*प्रतियोगिता*”

  1. 😂😂😂😂😂👌👌👌👏👏👏👏

  2. बहुत खूब, अतिसुन्दर अभिव्यक्ति

    1. बहुत बहुत धन्यवाद सतीश जी

    1. Geeta kumari

      बहुत बहुत धन्यवाद भाई जी 🙏

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