4 Comments

  1. राहें हमारी मिलने के आसार नहीं हैं!
    कैसे कहूँ तुम्हारा इंतजार नहीं है!!

    मेरी हर दलील को ठुकरा चुका है ये!
    इस दिल पे मेरा कोई इख्तियार नही है!!

    बहुत ही रुमानी अन्दाज की कविता
    जिसे पढ़ने में अन्त तक आन्नद आता रहा..

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