बदल गया

‘कुछ इस तरह ज़िन्दगी का फसाना बदल गया,
वो क्या बदला कि सारा ज़माना बदल गया..
रिश्तों पर बेरूखी का असर कुछ यूँ हुआ,
उसका रूठना बदला तो मेरा मनाना बदल गया..’

– प्रयाग

Comments

8 responses to “बदल गया”

    1. वाह, अति सुंदर

      1. धन्यवाद जी

    1. आभार आपका

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