बहुत प्यारा था वह जहान
लोग जहां मिलजुल कर करते थे काम
जब कोई बगल से गुजरता
कहता जाता भैया राम राम।
जहां लोग एक दूसरे का दर्द बांटते हो
जहां बुजुर्गों की बातें बेटे न काटते हो
जहां मांयें बेटों के लिए दुआएं मांगती हो
जहां दोस्ती की हो एक अलग पहचान ।
बहुत प्यारा था वह जहान
दुश्मनी के लिए जहां कोई जगह नहीं थी
अपनों में दरार की भी कोई वजह नहीं थी
जहां भूख से नहीं जाती थी किसी की जान
जहां नारी की भी थी एक अलग पहचान ।
बहुत प्यारा था वह जहान
लोग जहां मिलजुल कर करते थे काम
जब कोई बगल से गुजरता
कहता जाता भैया राम राम भैया राम राम।
वीरेंद्र सेन प्रयागराज
बहुत प्यारा था वह जहान
Comments
11 responses to “बहुत प्यारा था वह जहान”
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बेहतरीन प्रस्तुति, लाजवाब
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आभार
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अतिसुन्दर
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धन्यवाद
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बहुत बढ़िया
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आभार
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बहुत सुंदर प्रस्तुति
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धन्यवाद
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Nice
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सुंदर अभिव्यक्ति
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धन्यवाद
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