5 Comments

  1. बहुत खूब।
    मैं भी कहूं अमित जी ये चांद तारें आज आसमान में क्यों नही दिख रहे है😊 जरूर किसी आशीक ने तोड़ लिए होंगे।😊

    बस थोड़ा सा मजाक सर

  2. बहुत ही सुंदर , एक दूसरे से प्रेम की पराकाष्ठा में जो होता है उसका सरल शब्दों में सुन्दर वर्णन किया है आपने

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