15 Comments

  1. उपरोक्त पंक्तियों में यथार्थ सामने आया है, बुढ़ापे में तिरस्कार का शिकार हो रहे लोगों की संवेदना प्रस्फुटित हुई है, सरल शब्दावली में सच सामने आया है, बहुत खूब

  2. बुढ़ापे का अकेलापन आपने इस विषय पर लिखकर अपने साहित्य सृजन की क्षमता को उजागर किया है और बुढ़ापे में हो रही परेशानियों को अपनी कविता में पिरो कर सबके समक्ष प्रस्तुत करने की उम्दा कोशिश की है

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