बुरा वक्त हैं

अक्सर इल्ज़ामात पर इल्ज़ाम लगाते हैं
हम बोलते नहीं, बस चुप रह जाते हैं…
बता दूं.. बुरे हम नहीं, बुरा हमारा वक़्त है

वो कहता है बेवफ़ाई की है
कहता है बेवफ़ाई की है
जिस दिन सीधा वक़्त आएगा…
खुलकर बताएंगे कि बेवफ़ा हम नहीं,
बेवफ़ा हमारा वक़्त है

लोग कहते हैं बदले बदले से लगते हों
बदले बदले से लगते हों
बता दें बदले हम नहीं, बदला तो हमारा वक़्त है।

कि बुरे हम नहीं,बुरा हमारा वक़्त हैं।
HEMANKUR❤️

Comments

5 responses to “बुरा वक्त हैं”

  1. वाह बहुत सुंदर भावाभिव्यक्ति, सुन्दर रचना

  2. Geeta kumari

    Nice presentation

  3. Finding (Hemlata Soni)

    Thanq

Leave a Reply

New Report

Close