बेरंग

तूझसे मिलकर लगा कि कुछ यूं जिंदगी बिताएगे
कुछ तुम बोलोगे कुछ हम कहते जाएंगे
यूं ही समय,दिन और ऋतु बदल गई
न जाने किसकी नज़र हमारे रिश्ते को लग गई
कि अब न तुझे कुछ कहना है, न मुझे कुछ सुनना है
छोटी सी जिंदगी हमारी बेरंग हो गई
न जाने कब हमारी जिंदगी… तेरी और मेरी हो गई… 😔

Comments

9 responses to “बेरंग”

  1. Finding Talent

    Thanq

  2. अच्छा लिखा है आपने

  3. Satish Pandey

    न जाने कब, वाह

    1. Finding (Hemlata Soni)

      Thanq sir

      1. वेलकम

  4. vikash kumar

    Great

Leave a Reply

New Report

Close