बेरोजगारी

पढ़े-लिखे बेरोजगारों की
फौज खड़ी है, चारों ओर ,
कैसे हल निकले अब इसका
घटा छा रही है घनघोर ।
जाग देश के शीर्ष सिंहासन
कुछ ऐसी अब नीति बना,
युवा फूल खिलने लग जाएँ
श्रृंगार करें भारत माँ का।

Comments

10 responses to “बेरोजगारी”

  1. चिंतन का विषय है।

    1. सादर धन्यवाद शास्त्री जी

  2. वाह।
    बेहद संवेदनशील मुद्दा हम युवाओं के जीवन का।

  3. भारत की दशा कुछ ऐसी ही है आज ।।

  4. Geeta kumari

    भारत के शीर्ष पदों पर बैठे हुए लोगों का आह्वाहन करती, देश की युवा पीढ़ी का चिंतन करती हुई बेहद खूबसूरत रचना ।

    1. सादर आभार

  5. Kumar Piyush

    बहुत खूब

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