भुला दिया उसने..

‘मेरी वफाओं का खुलकर सिला दिया उसने,
न रखा एक भी, हर खत जला दिया उसने..

दूर होने का फैसला क्या खुद तुम्हारा है ?
मैंने पूछा तो कैसे सर हिला दिया उसने..

हमें भी खूब मिली आँसू पोंछने की सज़ा
हँसाया जिसको था अब तक, रुला दिया उसने..

गैर हाजिर है मेरे दिल से अब उम्मीद मेरी,
मुझे यकीं है के मुझको भुला दिया उसने..

– प्रयाग

मायने :
गैर हाजिर – उपलब्ध न होना

Comments

12 responses to “भुला दिया उसने..”

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    1. धन्यवाद आपका

  2. Geeta kumari

    बहुत ख़ूब

    1. बहुत शुक्रिया

  3. मुकम्मल जहाँ, कहाँ नसीब में सबकी
    उतना ही मिला करता
    जितनी मर्ज़ी रब की

    1. वाह शानदार पंक्तियाँ

      1. Suman Kumari

      2. Suman Kumari

        बहुत बहुत धन्यवाद

  4. सुन्दर पंक्तियाँ, जितनी तारीफ की जाए कम है, वाह

    1. Prayag Dharmani

      शुक्रिया सर

    1. धन्यवाद जी

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