भोजपुरी चइता लोक गीत -3- बयार पुरवा ये रामा

भोजपुरी चइता लोक गीत -3- बयार पुरवा ये रामा
लगे लागल आम के टिकोरवा ये रामा |
चइत मासे |
बहे लागल बयार पुरवा ये रामा |
चइत मासे |
मसूरी मटर खूब गदराई गइली |
पीयर सरसो अब नियराई गइली|
मगन कोयल गाए गनवा ये रामा |
चइत मासे |
पाकल बाली गेहूँ खेतवा लहराये |
पागल पपीहवा पीहू पीहू गाये |
चुये टप टप महुआ रस मदनवा ये रामा |
चइत मासे |
अँखियाँ मे नसा चढ़ल गोड्वा न जमीन पड़े |
बहकल बदनवा सजनवा कहा कहे |
मदन सतावे गोरी नजरवा ये रामा |
चइत मासे |
श्याम कुँवर भारती (राजभर )
कवि/लेखक /समाजसेवी
बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286

Comments

16 responses to “भोजपुरी चइता लोक गीत -3- बयार पुरवा ये रामा”

    1. Shyam Kunvar Bharti

      हार्दिक आभार आपका

  1. निम्मन गीत बा

    1. Shyam Kunvar Bharti

      पण्डित जी आभार बा राउ र

    1. Shyam Kunvar Bharti

      Thank you

    1. Shyam Kunvar Bharti

      Thank you

    1. Shyam Kunvar Bharti

      Thank you

  2. Abhishek kumar

    👏👏

    1. Shyam Kunvar Bharti

      Thank you

  3. Satish Pandey

    वाह वाह बहुत खूब

    1. Shyam Kunvar Bharti

      सतीश पांडेय जी दिल से आभार बा राउर

  4. Shyam Kunvar Bharti

    Thank you

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