भोजपुरी पारंपरिक होली 4-कान्हा संग होली

भोजपुरी पारंपरिक होली 4-कान्हा संग होली
सखी खेलब ना कान्हा संग होरी |
हरदम करे उ बलजोरी |
जब हम जाई जमुना किनरवा |
देले मोर मटकी के फोरी |
सखी खेलब ना कान्हा संग होरी |
जब हम जाई फूल लोढ़े बगिया |
खींचे मोर अँचरा के कोरी |
सखी खेलब ना कान्हा संग होरी |
जब हम जाई यमुना के बिचवा |
करे मोर सड़िया के चोरी |
सखी खेलब ना कान्हा संग होरी |
जब हम जाई ब्रिन्दा रे बनवा |
बंसिया बजाई नचावे राधा गोरी |
सखी खेलब ना कान्हा संग होरी |
जब हम जाई दहिया लेईके बज़रिआ |
कहे चला कदमवा के ओरी |
सखी खेलब ना कान्हा संग होरी |

श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

मोब /वाहत्सप्प्स -9955509286

Comments

14 responses to “भोजपुरी पारंपरिक होली 4-कान्हा संग होली”

  1. Priya Choudhary

    Good 👍

    1. Shyam Kunvar Bharti

      राधे राधे प्रिया जी

    1. Shyam Kunvar Bharti

      जय श्री कृष्ण शास्त्री जी

    1. Shyam Kunvar Bharti

      दिल से आभार

    1. Shyam Kunvar Bharti

      जी जय श्री राधे कृष्ण

    1. Shyam Kunvar Bharti

      dhanywad

    1. Shyam Kunvar Bharti

      आभार

  2. Abhishek kumar

    👌👌

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