भोजपुरी बिरह गीत – करी केकेरा प सिंगार बलमु |
कईला काहे हमसे अइसन तू प्यार बलमु |
छोड़ी दिहला हमके तू मजधार बलमु |
तोहरे बिना लउके हमके सगरो अनहरिया |
अंसुवे मे डूबल जाता हमरो उमरिया |
कइला काहे हमसे तू नैना चार बलमु |
छोड़ी दिहला हमके तू मजधार बलमु |
तन औरी मन राजा तोहके सब सउपली|
मन के मंदिरवा तोहे देवता नियन पुजली |
दगाबाज बनला काहे मोर दिलदार बलमु |
छोड़ी दिहला हमके तू मजधार बलमु |
गाँव के बगइचवा संझवा रोज हमके बुलवला |
प्यार वाली झूठ बतिया से हमके भरमवला |
नेहिया सौतिनिया लगाई भइला तू गद्दार बलमु |
छोड़ी दिहला हमके तू मजधार बलमु |
हम नाही जनली कबों दगा हमसे करबा |
भरी मंगीया सेनुरवा छाँव अँचरा मोर रहबा |
छोड़ी परईला करी केकरा प सिंगार बलमु |
छोड़ी दिहला हमके तू मजधार बलमु |
श्याम कुँवर भारती (राजभर)
कवि /लेखक /गीतकार /समाजसेवी
बोकारो झारखंड मोब -9955509286
भोजपुरी बिरह गीत – करी केकेरा प सिंगार बलमु |
Comments
5 responses to “भोजपुरी बिरह गीत – करी केकेरा प सिंगार बलमु |”
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बहुत खूब
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पांडेय जी आभार बा
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करी केकरा पे शौक सिंगार
राजाजी मुंह फेर लेले बानी-
बहुत बढ़िया बा प्रज्ञा जी हार्दिक आभार बा
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तोहार आभार बा
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