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  1. कवि सतीश जी ने अपनी कविता के माध्यम से बहुत ही सुन्दर सन्देश दिया है कि प्रगति की राह पर चलते चलते ऊंचाइयों पर पहुंचने पर अभिमान नहीं करना है क्योंकि फलों से लदा हुआ वृक्ष हमेशा झुका हुआ ही होता है और सीधे तने हुए तो ठूंठ ही होते हैं । बहुत सुंदर प्रस्तुति ।अभिवादन सर

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